सरकारी फ़ीस — 1 अप्रैल 2026 की तालिका
| सालाना टर्नओवर | लाइसेंस | सरकारी फ़ीस |
|---|---|---|
| ₹1.5 करोड़ तक | FSSAI रजिस्ट्रेशन | ₹100 सालाना (रजिस्टर्ड स्ट्रीट वेंडर: शून्य) |
| ₹1.5 – ₹50 करोड़ | स्टेट लाइसेंस | ₹5,000 सालाना |
| ₹50 करोड़ से ऊपर | सेंट्रल लाइसेंस | ₹7,500 सालाना |
| किसी भी टर्नओवर पर: इम्पोर्ट, एक्सपोर्ट, ई-कॉमर्स, न्यूट्रास्यूटिकल | सेंट्रल लाइसेंस | ₹7,500 सालाना |
यह FSSAI की 01.04.2026 की काइंड-ऑफ़-बिज़नेस तालिका से है। पुराने ₹2,000 और ₹3,000 वाले स्लैब अब नहीं हैं। फ़ीस पूरे भारत में एक जैसी है — दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु या किसी भी शहर में अलग नहीं।
“5 साल की फ़ीस” का क्या हुआ?
पहले लाइसेंस 1 से 5 साल के लिए लिया जाता था और उसी हिसाब से फ़ीस भरी जाती थी। 10 मार्च 2026 से लाइसेंस स्थायी है — अब सालाना फ़ीस भरनी होती है। सालाना फ़ीस न भरने पर लाइसेंस अपने-आप निलंबित माना जाता है, इसलिए तारीख़ याद रखें।
अगर हम फ़ाइल करें — हमारी फ़ीस
- FSSAI रजिस्ट्रेशन: ₹4,500
- स्टेट लाइसेंस: ₹12,500
- सेंट्रल लाइसेंस: ₹19,500
एक बार की फ़ीस, GST अलग। इसमें सही श्रेणी की जाँच, हर दस्तावेज़ की समीक्षा, आपके लॉगिन पर फ़ाइलिंग, लाइसेंस मिलने तक हर क्वेरी का जवाब और पहले साल का कम्प्लायंस कैलेंडर शामिल है। पूरी सूची: प्राइसिंग।
किन चीज़ों के पैसे न दें
- “रिन्यूअल” फ़ीस — 2026 के बाद रिन्यूअल होता ही नहीं।
- “एक्सप्रेस” फ़ाइलिंग — FSSAI में कोई पेड फ़ास्ट-ट्रैक नहीं है।
- सरकारी फ़ीस किसी और खाते में — सरकारी फ़ीस सिर्फ़ FoSCoS पर, सीधे FSSAI को।